एक संतुलित दिन की शुरुआत सुबह से होती है और रात की अच्छी नींद पर खत्म होती है।
भारत में अक्सर हम रात का पारिवारिक खाना (family dinner) बहुत देर से खाते हैं। सोने और खाने के बीच का कम अंतर हमारी नींद की गुणवत्ता और अगली सुबह की ऊर्जा को प्रभावित कर सकता है। समय पर नाश्ता और थोड़ा जल्दी हल्का डिनर करना संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।
गर्म मौसम और एसी (AC) वाले ऑफिस के बीच, हम अक्सर पर्याप्त पानी पीना भूल जाते हैं। कई बार हमारा शरीर प्यास को भूख या हल्की थकान के रूप में महसूस करता है। अपने पास हमेशा एक पानी की बोतल रखना एक बेहतरीन आदत है।
लगातार डेस्क पर घंटों तक बैठे रहना (long sitting) शरीर को सुस्त बना देता है। हर कुछ घंटों में उठकर 5 मिनट का ब्रेक लेना, थोड़ा स्ट्रेच करना या टहलना रक्त संचार (blood circulation) और मानसिक स्पष्टता के लिए बहुत जरूरी है।
गहरी नींद शरीर के लिए सबसे प्राकृतिक रिकवरी टूल है। सोने से एक घंटे पहले मोबाइल स्क्रीन बंद कर देना और एक शांत रात का रूटीन बनाना आपकी अगली सुबह को पूरी तरह से बदल सकता है।
काम के दौरान तनाव होना स्वाभाविक है। इस तनाव को कम करने के लिए हम अक्सर बार-बार 'चाय' (Chai) और तली हुई चीज़ों (samosa/namkeen) का सहारा लेते हैं।
यह आदत पल भर के लिए अच्छा महसूस करा सकती है, लेकिन लंबी अवधि में यह शरीर को थका देती है। इसकी जगह, अपने टिफिन में घर का बना हल्का स्नैक (जैसे मखाने, भुने चने या फल) रखने की कोशिश करें।
दिन खत्म होने पर शरीर को रिलैक्स करने का समय दें। घर लौटते ही तुरंत टीवी या सोशल मीडिया में खो जाने के बजाय, 10 मिनट शांति से बैठें या परिवार के साथ समय बिताएं।